पांवटा साहिब
नगर परिषद चुनाव में वैसे तो राजनीतिक पार्टियों के चिह्न पर चुनाव नहीं लड़ा जाता लेकिन विधायक एवं विधायकी के चाहवान द्वारा अपने अपने समर्थकों को उम्मीदवार बना मैदान में उतारा जाता हैं जिस से विधायको को अपने चुनाव के समय पार्षदों के वार्ड से वोट लेने में आसानी होती है। इस लिए निकाय चुनाव को सेमीफाइनल कहा जाता है।
पिछले कल 28 अप्रैल को पांवटा साहिब भाजपा ने नगर परिषद पांवटा के 13 वार्डों में अपने उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है जिस में कुछ पुराने उम्मीदवारो के टिकट कट गए हैं नए चेहरों को जगह दी है जिस कारण कुछ कैंडिडेट्स पर विवाद शुरू हो गया है
मुख्य विवाद: वार्ड नंबर 13 हिरपुर मसे जनता के बीच लोकप्रिय माने जा रहे कुलदीप जिन्हें 2 दिन पहले ही सभा में करवाई वोटिंग में 167 वोटों का समर्थन मिला, को दरकिनार कर महेंद्र (जिन्हें केवल 9 वोट मिलने का दावा है) को पार्टी ने अधिकृत उम्मीदवार बनाया है।
परिणाम: इस फैसले के विरोध में और जनता के समर्थन के आधार पर अब कुलदीप ने आजाद (Independent) प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ने का मन बना लिया है।
हिरपुर के निवासियों ने बताया पिछले कल हम सब ने एक सभा का आयोजन किया था जिस में चुनाव लड़ने के इच्छुक लोगों के नाम जाने जिन में दो ने चुनाव लड़ने की इच्छा जताई सहमति बनाने के लिए सभा में ही वोटिंग का सहारा लिया गया जिस में कुलदीप चौधरी को 167 लोगो का समर्थन मिला वही महेंद्र को सिर्फ 09लोगों ने समर्थन किया। वार्ड 13 के भाजपा समर्थकों ने विधायक को कुलदीप को उमीदवार बनाने की अपील की।
लेकिन दो दिन बाद जब कैंडिडेटस के नाम पत्रकार वार्ता में सामने आए तो कुलदीप चौधरी की जगह 9 वोट वाले महेद्र को उम्मीदवार बनाया गया अब बड़ा विरोध हो रहा है वार्ड 13 के भाजपा समर्थकों ने पार्टी अपना निर्णय नहीं बदलती तो कुलदीप चौधरी को आजाद उम्मीदवार चुनाव लड़वाया जाएगा। कुलदीप चौधरी को भारी समर्थन मिल रहा है।

