राईट न्यूज देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के बीच एमर्जेंसी रिस्पांस सपोर्ट सिस्टम के तहत जारी अप्रैल 2026 की औसत रिस्पांस टाइम रैंकिंग में हिमाचल प्रदेश ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पहला स्थान हासिल किया है। यह उपलब्धि प्रदेश की पुलिस और आपातकालीन सेवाओं की तत्परता, बेहतर समन्वय और तकनीकी दक्षता को दर्शाती है। जारी रिपोर्ट के अनुसार, हिमाचल प्रदेश में किसी भी आपातकालीन घटना पर औसतन तीन मिनट 36 सेकंड में प्रतिक्रिया दी गई, जो देश में सबसे तेज है। इस प्रक्रिया को अलग-अलग चरणों में भी काफी कुशल पाया गया है।
कॉल रिसीव करने में औसतन दो मिनट एक सेकंड का समय लगा, जबकि डिस्पैचर द्वारा कार्रवाई शुरू करने में केवल 12 सेकंड लगे। इसके बाद इमरजेंसी रिस्पॉन्स यूनिट द्वारा मौके पर पहुंचने में औसतन एक मिनट 23 सेकंड का समय दर्ज किया गया। इस रैंकिंग में दूसरे स्थान पर दादरा, दमन और दीव (4 मिनट 36 सेकंड), तीसरे स्थान पर लक्षद्वीप (5 मिनट), चौथे स्थान पर चंडीगढ़ (5 मिनट 8 सेकंड) और पांचवें स्थान पर राजस्थान (6 मिनट 34 सेकंड) रहा। इसके अलावा उत्तर प्रदेश, त्रिपुरा, महाराष्ट्र, गोवा और आंध्र प्रदेश भी शीर्ष 10 राज्यों में शामिल हैं। वहीं मणिपुर और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह क्रमश: 11वें और 12वें स्थान पर रहे।
विशेषज्ञों का मानना है कि हिमाचल प्रदेश में आपातकालीन सेवाओं में सुधार के लिए आधुनिक तकनीक, बेहतर कंट्रोल रूम मैनेजमेंट और पुलिस कर्मियों की सतत ट्रेनिंग ने अहम भूमिका निभाई है। राज्य में 112 हेल्पलाइन के प्रभावी क्रियान्वयन से आम लोगों को त्वरित सहायता मिल रही है, जिससे संकट के समय भरोसा भी बढ़ा है। सरकार और पुलिस विभाग द्वारा समय-समय पर की गई मॉनिटरिंग, संसाधनों का बेहतर उपयोग और फील्ड स्टाफ की सक्रियता के कारण ही यह सफलता संभव हो पाई है। खासतौर पर पहाड़ी और दूरदराज इलाकों में भी इतनी तेज प्रतिक्रिया समय हासिल करना एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। इस उपलब्धि से न केवल प्रदेश की छवि राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत हुई है, बल्कि यह अन्य राज्यों के लिए भी एक उदाहरण बनकर उभरा है कि सही रणनीति और बेहतर समन्वय से आपातकालीन सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।

