राइट न्यूज हिमाचल
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे चरण की शुरुआत भारी हंगामे और सियासी गहमागहमी के साथ हुई। बुधवार सुबह 11 बजे जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू होने का समय हुआ, उससे पहले ही विपक्ष ने विधानसभा परिसर के बाहर सुक्खू सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए जोरदार नारेबाजी की। विपक्ष के तीखे तेवरों से साफ हो गया है कि बजट सत्र का यह चरण सत्ता पक्ष के लिए आसान नहीं होने वाला है।विपक्षी दलों के विधायकों और नेताओं ने सरकार को आड़े हाथों लेते हुए आरोप लगाया कि पिछले बजट में की गई बड़ी-बड़ी घोषणाएं अब तक सिर्फ कागजों तक ही सीमित हैं। विपक्ष का कहना है कि सरकार ने जनता से किए गए वादों को जमीन पर उतारने में पूरी तरह नाकामी हासिल की है। इसी मुद्दे को लेकर विपक्ष ने विधानसभा के बाहर जमकर भड़ास निकाली। इस दौरान विपक्ष ने सीधेतौर पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को निशाने पर लिया।नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री सदन के भीतर लगातार भ्रामक और वास्तविकता से परे बयान दे रहे हैं, जिससे सदन की गरिमा को ठेस पहुंच रही है। जयराम ठाकुर ने ऐलान किया कि मुख्यमंत्री द्वारा गलत जानकारी देना सदन की अवमानना है और विपक्ष इसके खिलाफ नियम 75 के तहत अवमानना का नोटिस लाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस संबंध में विधानसभा अध्यक्ष को जल्द ही औपचारिक शिकायत सौंपी जाएगी।जहां एक तरफ विपक्ष सरकार को घेरने में जुटा था, वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री सुक्खू के विधानसभा पहुंचने पर सत्ता पक्ष ने उनका भव्य स्वागत किया। संसदीय कार्य मंत्री हर्षवर्धन चौहान, डिप्टी चीफ व्हिप केवल सिंह पठानिया और विधायक मलेंद्र राजन ने पुष्पगुच्छ भेंट कर मुख्यमंत्री का अभिनंदन किया। इसके साथ ही विधानसभा परिसर में सीएम सुक्खू को गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया।हंगामेदार रहने वाला है बजट सत्रबजट सत्र के इस चरण की शुरूआत से ही स्पष्ट हो गया है कि आने वाले दिन बेहद हंगामेदार रहने वाले हैं। एक तरफ सरकार अपनी योजनाओं और नीतियों को गिनाने की कोशिश करेगी, तो वहीं विपक्ष अधूरे वायदों और भ्रामक बयानों के तीर से सुक्खू सरकार को घेरने का कोई मौका नहीं छोड़ेगा। अब सबकी नजरें विधानसभा अध्यक्ष के फैसले और सदन के भीतर होने वाली बहस पर टिकी हैं।

