अब सोशल मीडिया पर पोस्ट नहीं कर सकेंगे देवताओं के देव खेल की वीडियो

अब सोशल मीडिया पर पोस्ट नहीं कर सकेंगे देवताओं के देव खेल की वीडियो

राइट न्यूज हिमाचल

देवभूमि हिमाचल प्रदेश में देवी-देवताओं की परंपराओं को बरकरार रखने के लिए देवता कमेटियों ने पहल करनी शुरू कर दी है, जिसके सार्थक परिणाम जल्द आना शुरू हो जाएंगे। इसकी शुरूआत मंडी जिले की सराज घाटी के अधिष्ठाता बड़ा देव विष्णु मतलोड़ा सात हार कमेटी ने की है। अब कोई भी व्यक्ति सोशल मीडिया में बड़ा देव विष्णु मतलोड़ा के देव खेल और गुप्त कार्यों की पोस्ट या वीडियो व्यतिगत अकाऊंट में नहीं डाल सकेगा। आदेशों का पालन न करने पर उक्त व्यक्ति के खिलाफ कमेटी समाज एवं समिति स्तर पर दंडनात्मक कार्रवाई के साथ सामाजिक बहिष्कार भी करेगी। कमेटी ने देवता के नाम पर सोशल मीडिया पर बने सभी गैर अनाधिकृत अकाऊंट को तत्काल प्रभाव से बंद करने के निर्देश जारी किए हैं।

इसके साथ ही देवता की किसी भी तरह के भ्रामक सूचना, अफवाह व गलत कैप्शन डालने पर भी कार्रवाई का आदेश बैठक में पारित किया है। अब देवता के धार्मिक एवं सामाजिक पोस्ट या वीडियो केवल आधिकारिक अकाऊंट से ही जारी किए जाएंगे, जो सात हार कमेटी के संरक्षण और नियंत्रण में रहेगा। देवता की गरिमा, परंपरा की मर्यादा और समाज की एकता को बनाए रखने के फैसले की लोगों ने सराहना की है।यदि प्रदेश के देवी-देवताओं की देवनीति और परंपरा को बरकरार रखना है तो देवताओं की सभी कमेटियों को ऐसे उचित कदम उठाने होंगे।

देवी-देवताओं के प्राचीन स्थलों और उनकी सूचनाओं को गुप्त रखना होगा, अन्यथा गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेगे। बता दें कि अधिकतर देखा गया है कि लोग देवी-देवताओं से जुड़ीं परंपराओं की वीडियो को सोशल मीडिया में डाल कर उनका खिलवाड़ कर रहे हैं, जबकि कई स्थान तो ऐसे भी हैं जहां लोग देव खेल के दौरान उसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाल रहे हैं, जिसके चलते देव परंपरा मजाक बनी हुई है तथा देवता उन्हें स्वीकार नहीं कर रहे हैं। हालांकि कुछ क्षेत्र ऐसे भी हैं जहां देवताओं की वीडियो बनाने पर प्रतिबंध है।देव छाजणु कमेटी के प्रधान बीरवल ने बताया है कि देवभूमि के अठारह करड़ू देश-दुनिया का भला करते हैं। वे कई बार अपनी देववाणी में इसका बखान भी करते हैं। अगर देवताओं के नियमों का पालन किया जाए तो आपदा कभी आएगी ही नहीं।

उन्होंने कहा कि इस बार भी प्रदेश में आपदा से भारी नुक्सान हुआ है, जिसमें सभी देवताओं ने देववाणी में कहा है कि जो कुछ भी हो रहा है इसके लिए मानव ही जिम्मेदार है। इसलिए सभी को समय पर संभलने की जरूरत है। अगर ऐसा होता है तो देवी-देवता अपना आशीर्वाद देवभूमि पर सदैव रखेंगे।ओम ठाकुर, अध्यक्ष, देव विष्णु मतलोड़ा कमेटी सात हार ने कहा कि सोशल मीडिया पर देवता से जुड़ी प्राचीन गतिविधि को पोस्ट या उसका वीडियो बनाकर नहीं डाला जाएगा। खासकर देव खेल और प्राचीन स्थलों को पोस्ट करने पर प्रतिबंध लगाया गया है। इसके साथ देवता के अनधिकृत अकाऊंट को तुरंत प्रभाव से बंद करने के निर्देश भी जारी किए हैं। नियमों का उल्लंघन करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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