रक्षाबंधन-भैया दूज पर HRTC का तोहफा : हिमाचल की बहनों को मिलेगी मुफ्त बस यात्रा

रक्षाबंधन-भैया दूज पर HRTC का तोहफा : हिमाचल की बहनों को मिलेगी मुफ्त बस यात्रा

राइट न्यूज हिमाचल

हिमाचल प्रदेश की लाखों महिलाओं के लिए रक्षाबंधन और भैया दूज का त्यौहार इस बार भी खास रहने वाला है। राज्य सरकार की परंपरा को जारी रखते हुए HRTC ने इन दोनों पर्वों पर महिलाओं को सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा देने का ऐलान किया है।HRTC के प्रबंध निदेशक डॉ. निपुण जिंदल ने इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी करते हुए सभी डिप्टी डिवीजनल और रीजनल मैनेजरों को महिलाओं की निःशुल्क यात्रा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

यह सुविधा इस वर्ष 9 अगस्त को रक्षाबंधन और 23 अक्टूबर को भैया दूज के दिन प्रदेशभर में उपलब्ध रहेगी। इन दोनों ही पर्वों पर हिमाचल की लगभग 30 लाख से अधिक बहनें अपने भाइयों से मिलने या अन्य पारिवारिक आवश्यकताओं के लिए यात्रा करती हैं। सरकार का यह निर्णय उनकी सुविधा और सम्मान दोनों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह मुफ्त यात्रा सुविधा सिर्फ सरकारी ऑर्डिनरी बसों में ही लागू होगी। साथ ही, इस सुविधा का लाभ केवल सूर्योदय से सूर्यास्त तक ही मिल सकेगा।

यानी रात के समय चलने वाली बसों में महिलाएं इस छूट का लाभ नहीं उठा सकेंगी।HRTC के बेड़े में वर्तमान में करीब 2800 बसें हैं, जिनमें से ज्यादातर ऑर्डिनरी श्रेणी की हैं। ये बसें हिमाचल के दुर्गम गांवों से लेकर नगरों और शहरों तक सुगम आवागमन का मुख्य साधन हैं। अब इन सभी बसों में रक्षाबंधन और भैया दूज के दिन महिलाएं नि:शुल्क यात्रा कर सकेंगी, जिससे न केवल उन्हें आर्थिक राहत मिलेगी, बल्कि त्योहारों पर उनकी यात्रा और भी सहज हो सकेगी।

हिमाचल सरकार बीते कई वर्षों से रक्षाबंधन और भैया दूज जैसे पारिवारिक व सांस्कृतिक महत्व वाले पर्वों पर महिलाओं को HRTC की बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा देती आई है। यह पहल न केवल राज्य की बेटियों और बहनों को सम्मान देने का प्रतीक है, बल्कि पर्वों के अवसर पर उनकी यात्रा को आसान और सुरक्षित बनाने का एक प्रयास भी है।व्यवस्था सुनिश्चित करने को दिशा-निर्देश जारीHRTC के एमडी डॉ. निपुण जिंदल ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि बस परिचालक (कंडक्टर) और चालक (ड्राइवर) इस आदेश का पालन सुनिश्चित करें। साथ ही सभी डिपुओं को इस संबंध में समय रहते उचित व्यवस्थाएं करने को कहा गया है ताकि महिलाओं को कोई असुविधा न हो।

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