राइट न्यूज हिमाचल
हिमाचल प्रदेश में एक बार फिर भारी बारिश का खतरा मंडरा रहा है, खासकर मंडी, कांगड़ा और सिरमौर जिलों में। 30 जून और 1 जुलाई को हुई बारिश ने मंडी और आसपास के क्षेत्रों में भारी तबाही मचाई थी, जिससे हुए नुकसान से उबरना अभी बाकी है। अब मौसम विभाग ने अगले 4-5 दिनों के लिए पहाड़ों में बेहद खराब मौसम का पूर्वानुमान जारी किया है।भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के शिमला केंद्र के अनुसार, 6 जुलाई की दोपहर से लेकर 7 जुलाई तक मंडी, कांगड़ा और सिरमौर जिलों के लिए भारी से बहुत भारी बारिश का ‘रेड अलर्ट’ जारी किया गया है।
इसका मतलब है कि इन क्षेत्रों में अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है, जिससे बाढ़, भूस्खलन और सड़कों के बंद होने का खतरा बढ़ जाएगा।इसके अलावा, चंबा, कुल्लू, शिमला, सोलन, बिलासपुर और हमीरपुर जिलों के लिए भी उस दिन बहुत भारी बारिश का विशेष अलर्ट जारी किया गया है। पूर्वानुमान के मुताबिक, आज (5 जुलाई) सहित 7 और 8 जुलाई के लिए मंडी, कांगड़ा, चंबा, कुल्लू, शिमला, सिरमौर, बिलासपुर और हमीरपुर जिलों के लिए भारी से बहुत भारी बारिश का ‘ऑरेंज अलर्ट’ रहेगा। यह चेतावनी दर्शाती है कि इन क्षेत्रों में भी मौसम काफी खराब रहेगा और लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है।
दक्षिण-पश्चिमी मानसून हिमाचल प्रदेश में पूरी तरह से सक्रिय हो चुका है और 6 और 7 जुलाई को यह काफी प्रभावी नजर आएगा। इस गंभीर चेतावनी के बाद, राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने एक विशेष एडवाइजरी जारी करते हुए लोगों से बेहद सावधानी बरतने की अपील की है।हिमाचल प्रदेश एक पहाड़ी राज्य है, और भारी बारिश के दौरान यहां की सड़कें जोखिम भरी हो जाती हैं। खासकर मंडी से कुल्लू-मनाली का रास्ता सबसे जोखिम भरा माना जाता है, जहां कभी भी भूस्खलन हो सकता है।
ऐसे में इन दिनों इन सड़कों पर बिना वजह घूमना खतरे से खाली नहीं हो सकता है।इसलिए, इस अवधि के दौरान यात्रा को सीमित रखना चाहिए। यदि बहुत जरूरी आपातकालीन स्थिति हो, तभी पूरी सावधानी के साथ यात्रा करें। सुरक्षा दिशानिर्देशों का पालन करें और किसी भी यात्रा पर निकलने से पहले स्थानीय मौसम अपडेट और सड़क की स्थिति की जानकारी अवश्य लें। अपनी और अपनों की सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएं।

