हिमाचल में कुदरत का कहर: घर खाली करने को लोग मजबूर, 10 से ज्यादा लापता- 3 की मिली देह

हिमाचल में कुदरत का कहर: घर खाली करने को लोग मजबूर, 10 से ज्यादा लापता- 3 की मिली देह

राइट न्यूज हिमाचल/मंडी

हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में सोमवार देर रात जो हुआ, वो किसी डरावने सपने से कम नहीं। एक ही रात में मंडी के चार अलग-अलग इलाकों में बादल फटने की घटनाएं हुईं। बता दें कि करसोग, गोहर, कुट्टी बाईपास और थुनाग क्षेत्र में बादल फटा है। इनमें करसोग और गोहर में अब तक तीन लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि दस से अधिक लोग लापता हैं।

मौसम विभाग ने पहले ही भारी बारिश का अलर्ट जारी किया था, लेकिन जमीन पर उसका असर इतना भयावह होगा, किसी ने कल्पना नहीं की थी।गोहर उपमंडल के स्यांज पंचायत के पंगलयूर गांव में फ्लैश फ्लड से दो घर मलबे में समा गए। इन घरों में रह रहे पदम सिंह और झाबे राम के पूरे परिवार बह गए। लापता लोगों में 9 वर्षीय कनिका और 7 वर्षीय गौतम जैसे मासूम भी शामिल हैं। धर्मपुर के स्याठी गांव में पहाड़ दरकने से दो मकान और पांच गौशालाएं ढह गईं।

यहां 26 पालतू जानवरों की मौत हुई है।करसोग बाजार में भी रात को बादल फटा। दर्जनों दुकानें और घरों में पानी घुस गया। प्रशासन ने दर्जनों लोगों को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। इस घटना में एक व्यक्ति की मौत हो चुकी है।कोटली क्षेत्र में कई सड़कें भूस्खलन से बंद हो गई हैं।

कुकलाह में एक मंदिर और कई मकान बह गए हैं। सराज विधानसभा के बगस्याड़ गांव में भी भारी नुकसान की सूचना है। मंडी की कोडी खड्ड का पानी रात में घरों में घुस गया, लोग पूरी रात जागते रहे।चंडीगढ़-मनाली फोरलेन पर मंडी और कुल्लू के बीच दवाड़ा में भूस्खलन हुआ है। रात भर हाईवे बंद रहा। लोग टनल के भीतर ही फंसे रहे और वहीं सोने को मजबूर हुए। इस हाईवे पर बीते दिन भी पांच घंटे तक यातायात ठप रहा था।

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