राइट न्यूज हिमाचल
पांवटा साहिब में दून ड्रामेट्रिक क्लब पांवटा के कलाकारों द्वारा सीता हरण की लीला का मार्मिक मंचन किया गया। स्थानीय रामलीला मैदान में मानवीय कल्याण समिति के तत्त्वावधान में आयोजित रामलीला में प्रभु श्रीराम की लीला के दौरान वन में सूर्पणखा श्रीराम से विवाह की इच्छा जाहिर करती है जिस पर श्रीराम अपने आपको विवाहित होने की बात कहते हुए लक्ष्मण से शादी करने के लिए कहते हैं, परंतु लक्ष्मण भी मना कर देते हैं।
इस पर सूर्पणखा क्रोधित हो जाती है। इस पर श्रीराम का इशारा मिलते ही लक्ष्मण सूर्पणखा का नाक काट देते हैं। कटी हुई नाक लेकर सूर्पणखा अपने भाइयों खर-दूषण के पास जाती है। खर-दूषण को श्रीराम के द्वारा मोक्ष प्राप्त होता है। इसके बाद सूर्पणखा लंका पहुंचती है जहां वह लंकाधिपति रावण को अपनी कटी हुई नाक का हवाला देती है।इस पर रावण क्रोधित हो जाता है और बदला लेने का निश्चय करता है।
जिसमें एक षडयंत्र के तहत मामा मारीच सोने का मृग बनकर माता सीता की कुटिया के आसपास टहलने लगा। सोने का मृग देखकर माता सीता ने उसे पाने की जिद करने लगी, जिस पर भगवान राम सोने के मृग के पीछे चल दिए। अकेला देखकर रावण साधु के वेश में भिक्षा मांगने के लिए माता सीता के पास पहुंचा तथा कहा साधु को भिक्षा बाहर आकर देनी चाहिए।
जिस पर माता सीता ने बाहर आकर भिक्षा देना चाहा तो उसी समय रावण ने हरण कर लिया। इस दृश्य का मंचन देखकर उपस्थित दर्शकों ने जय श्रीराम के नारे लगाए व रोमांचित हुए।


