राइट न्यूज हिमाचल
पांवटा साहिब सिविल अस्पताल में मौसम के बदलाव से सर्दी, खांसी, बुखार के मरीज बढ़ रहे हैं। हालांकि अस्पताल में डेंगू के एक से दो मरीज भी आ रहे हैं, परंतु मौसमी बुखार के मरीजों की संख्या ज्यादा है। गंभीर मरीजों के बेहतर इलाज के लिए पांवटा सिविल अस्पताल में अलग से डेंगू वार्ड बना दिया गया है।
अस्पताल में आने वाले बुखार के गंभीर मरीजों को इस वार्ड में भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। वार्ड में चिकित्सक व स्टाफ की तैनाती भी कर दी गई है। हालांकि अभी तक बुखार का कोई गंभीर मरीज यहां नहीं आया। पांवटा अस्पताल में सामान्य बुखार के मरीजों को जांच के बाद दवाएं दी जा रही हैं।
अस्पताल के डाक्टर एवी राघव का कहना है कि मौसम में बदलाव और मच्छरों के चलते बुखार के मरीज बढ़ रहे हैं। लोग मच्छरदानी लगाकर सोएं, गुनगुना पानी पिएं। उन्होंने बताया कि अलग से कुछ बेड का डेंगू वार्ड बना दिया गया है।गंभीर मरीजों को इसमें भर्ती कर इलाज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पांवटा अस्पताल में डेंगू के मरीजों की संख्या एक से दो ही है व उनकी हालत ज्यादा नाजुक नहीं है।
इसके अलावा पांवटा अस्पताल में एनएस वन पॉजिटिव के आठ से दस मरीज हर दिन पहुंच रहे हैं। ऐसे में अब सुबह से ही अस्पताल के ओपीडी काउंटर पर मरीजों की लाइन लगनी शुरू है। ऐसे में कई मरीजों को तेज बुखार होने के कारण उनको भर्ती करने की जरूरत पड़ रही है तो कई लोग बुखार आते ही उपचार शुरू कर दे रहे हैं। दो-चार दिन दवा लेने के बाद उनको राहत मिल रही है।
ऐसे में अगर देखा जाए तो लगभग हर घरों में एक-दो लोग सर्दी व बुखार की चपेट में हैं। ऐसे में विशेषज्ञों की मानें तो मौसम में उमस होने के कारण इस तरह की समस्या आ रही है। जिससे अब लोगों को खान-पान पर विशेष ध्यान देने रखें। तभी मौसमी बीमारी से बचाव हो सकेगा।


