हिमाचल में बर्फबारी, अटल टनल पर थमे पहिए, 20 मार्च तक भारी अलर्ट

हिमाचल में बर्फबारी, अटल टनल पर थमे पहिए, 20 मार्च तक भारी अलर्ट

राइट न्यूज हिमाचल

हिमाचल में मार्च के महीने में दिसम्बर जैसी कड़ाके की ठंड लौट आई है। सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के चलते प्रदेश के ऊपरी इलाकों में बर्फबारी और निचले क्षेत्रों में भारी बारिश व ओलावृष्टि का दौर जारी है। सोमवार को कल्पा में 0.4, भरमौर में 4 सैंटीमीटर ताजा बर्फबारी हुई है, जबकि शिमला में 6, सुंदरनगर में 13, भुंतर में 15, धर्मशाला में 28, ऊना में 11.4, मनाली में 16, कांगड़ा में 17, मंडी में 10, जुब्बड़हट्टी में 5, कुफरी में 4, नेरी में 19.5 मिलीमीटर वर्षा रिकार्ड की गई। सोमवार को राजधानी शिमला में दोपहर के वक्त घने काले बादलों की वजह से दिन में ही रात जैसा अंधेरा छा गया, जिसके बाद गरज-चमक के साथ ओलावृष्टि और बारिश शुरू हुई और बर्फ के फाहे गिरे, वहीं धौलाधार की ऊंची चोटियों पर भी हिमपात हुआ है।

ताजा बर्फबारी के बाद कांगड़ा सहित आसपास के इलाकों में ठंड छा गई है।बर्फबारी का तांडव, अटल टनल के पास फंसे सैंकड़ों वाहनऊंचाई वाले क्षेत्रों में भारी बर्फबारी के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। खदराला में 10.2 और कल्पा में 6.4 सैंटीमीटर ताजा बर्फ दर्ज की गई। ऊंचे इलाकों में बर्फबारी का दौर सोमवार को भी जारी है। कल्पा में 6.4 सैंटीमीटर बर्फ गिरी। इसके अलावा गोंदला और जोत में करीब 3-3 सैंटीमीटर व कुकुमसेरी में 1.5 सैंटीमीटर बर्फबारी हुई। मौसम विभाग के अनुसार ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बर्फबारी का यह दौर अभी जारी रह सकता है।

अटल टनल (रोहतांग) के पास बर्फबारी के चलते कई पर्यटक वाहन फंस गए हैं। पुलिस और प्रशासन की टीमें रैस्क्यू ऑप्रेशन में जुटी रहीं। सुरक्षा कारणों से सोलंगनाला से आगे वाहनों की आवाजाही पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है।बारिश और तापमान का गिरता ग्राफप्रदेश के कई हिस्सों में झमाझम बारिश हुई है। सलूणी में सबसे अधिक 32 और सराहन में 29.5 मिलीमीटर वर्षा रिकार्ड की गई। भावानगर में 29, रामपुर में 28, कटौला में 23.4, भटियात में 23.1, मनाली में 22 और भरमौर में 20.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।

मंडी में 14.6, बरठीं में 14.2 और शिमला में 12.2 मिलीमीटर वर्षा रिकार्ड की गई। बारिश के कारण न्यूनतम तापमान में 3.6 डिग्री सैल्सियस की गिरावट आई है। राज्य के ऊंचाई वाले क्षेत्रों विशेषकर लाहौल-स्पीति, किन्नौर और कुल्लू की चोटियों पर हुई ताजा बर्फबारी और मैदानी व मध्यम ऊंचाई वाले इलाकों में हुई झमाझम बारिश और ओलावृष्टि इस गिरावट की मुख्य वजह है।बागवानों और किसानों के लिए वरदानलंबे समय के सूखे के बाद हुई यह बारिश खेती और बागवानी के लिए संजीवनी बनकर आई है।

मैदानी इलाकों में गेहूं के लिए यह नमी बेहद लाभकारी है। नमी बढ़ने से फलदार पौधों में बेहतर सैटिंग होने की उम्मीद है, जिससे बागवानों ने राहत की सांस ली है।आगामी चेतावनी, 20 मार्च तक रहें सावधानमौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों के लिए कड़े अलर्ट जारी किए हैं। 17 व 18 मार्च को तेज अंधड़, बिजली और ओलावृष्टि की संभावना के साथ यैलो अलर्ट जारी किया है। 19 मार्च को भारी बारिश, बिजली गिरने और 60 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से हवाएं चलने की चेतावनी के साथ ऑरैंज अलर्ट जारी किया गया है। 20 मार्च को यैलो अलर्ट जारी रहेगा।

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