शिमला:हाईकोर्ट का आदेश, हटेंगे अवैध टैक्सी स्टैंड

शिमला:हाईकोर्ट का आदेश, हटेंगे अवैध टैक्सी स्टैंड

हाई कोर्ट ने प्रदेश के सभी राजमार्गों सहित शिमला शहर के भीतर अवैध और अनधिकृत टैक्सी स्टैंड/संरचनाओं को हटाने के आदेश जारी किए हैं। जनहित याचिका में लोक निर्माण विभाग द्वारा कोर्ट को सौंपी गई स्टेटस रिपोर्ट के माध्यम से बताया गया है कि टैक्सी चलाने वाले व्यक्तियों द्वारा शिमला शहर के विभिन्न स्थानों जैसे ऑकलैंड, गवर्नमेंट डिग्री कॉलेज संजौली, संजौली बस स्टॉप, ढली चौक, छोटा शिमला सचिवालय के पास, लक्कड़ बाजार, कुसुम्पटी बाजार और संजौली कस्बे में कुछ अवैध और अनधिकृत संरचनाएं बनाई गई हैं, जो वाहनों की आवाजाही में असुविधा पैदा कर रही हैं। मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायाधीश रंजन शर्मा की खंडपीठ ने याचिका की सुनवाई के पश्चात कहा कि इन स्थानों में से कुछ बिंदु, अर्थात् छोटा शिमला, ऑकलैंड और कुसुम्पटी, वर्तमान मुद्दे का विषय नहीं हैं।

फिर भी टैक्सियों को चलाने के लिए बनाए गए अनधिकृत टैक्सी स्टैंड/संरचनाओं को कानून के अनुसार प्रदेश के राजमार्गों सहित शिमला शहर के सभी स्थानों से हटाया जाना जरूरी है। रिपोर्ट में स्थानीय निवासियों द्वारा रात के समय निर्माणाधीन मकानों से मलबा फेंकने का मुद्दा भी उठाया गया है, जो सडक़ पर यातायात में अड़चनें पैदा करता है। कोर्ट ने स्टेटस रिपोर्ट का अध्ययन करने पर कहा कि हलफनामे में हटाए गए वाहनों की संख्या और किस विभाग ने वाहनों को हटाया है तथा उक्त वाहनों को कहां डंप किया गया है, इसका कोई उल्लेख नहीं है। कोर्ट ने लोक निर्माण विभाग को उपरोक्त आदेशों की अनुपालना सहित सभी विवरण देते हुए बेहतर हलफनामा दायर करने के आदेश जारी किए। कोर्ट ने कहा कि आधिकारिक प्रतिवादियों के लिए यह छूट है कि वे संबंधित विभागों के अधिकारियों की प्रभावी तैनाती करके डंप किए गए मलबे के मुद्दे के संबंध में प्रभावी कदम उठाएं तथा ऐसा करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ कानून के अनुसार किसी भी अवैध डंपिंग के संबंध में दंडात्मक कार्रवाई करें।

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