राइट न्यूज हिमाचल
हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले की ईशानी ठाकुर ने उत्तर भारत की सबसे कठिन धार्मिक यात्राओं में से एक, श्रीखंड महादेव यात्रा को एक बार फिर नंगे पांव पूरा कर अपनी अटूट आस्था का परिचय दिया है। निरमंड के बागीपुल की रहने वाली 28 वर्षीय ईशानी ने यह यात्रा सातवीं बार नंगे पांव की है, जो उनकी दृढ़ता और भक्ति को दर्शाती है।ईशानी ने पहली बार 2017 में नंगे पांव श्रीखंड महादेव की यात्रा की थी। तब से, वह हर साल इस दुर्गम मार्ग पर बिना जूते-चप्पल के चलती आ रही हैं। केवल कोरोना महामारी के कारण 2020 और 2021 में उन्हें यात्रा रोकनी पड़ी थी।
70 किलोमीटर की यह यात्रा, जिसमें बर्फीले ग्लेशियर और खड़ी चट्टानें शामिल हैं, सामान्यतः भी बेहद चुनौतीपूर्ण मानी जाती है, लेकिन नंगे पांव इसे पूरा करना किसी चमत्कार से कम नहीं।पिछले साल 31 जुलाई की रात को श्रीखंड महादेव कैलाश यात्रा मार्ग पर स्थित भीम डवारी में बादल फटने से बागीपुल का आधा बाजार तबाह हो गया था।
इस आपदा में कई लोग बेघर हो गए थे, और ईशानी का परिवार भी उनमें से एक था। उनका रिहायशी मकान महादेव के रौद्र रूप में आई बाढ़ में बह गया था। इस भयंकर व्यक्तिगत त्रासदी के बावजूद, महादेव के प्रति उनकी भक्ति ज़रा भी कम नहीं हुई। बेघर होने के बावजूद, ईशानी ने एक बार फिर महादेव के दर्शन के लिए नंगे पांव इस दिव्य धाम की यात्रा पर निकलने का निर्णय लिया। उनकी यह कहानी आस्था की शक्ति का एक अद्भुत उदाहरण है।

