हिमाचल में अब फीस जमा होते ही खुद जारी होंगे परमिट, RTO अप्रूवल की प्रक्रिया खत्म

हिमाचल में अब फीस जमा होते ही खुद जारी होंगे परमिट, RTO अप्रूवल की प्रक्रिया खत्म

राइट न्यूज हिमाचल

प्रदेश में परिवहन विभाग ने आम जनता, वाहन मालिकों और परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोगों को बड़ी राहत दी है. परिवहन विभाग ने मालवाहक वाहनों के परमिट और टूरिस्ट व टैक्सी परमिट से संबंधित सेवाओं को पूरी तरह ऑनलाइन और ऑटोमेटिक कर दिया है. इस नई व्यवस्था के लागू होने के बाद अब सफलतापूर्वक फीस जमा करवाते ही संबंधित परमिट खुद ही स्वीकृत और जारी हो जाएगा, जिसके लिए अब आरटीओ कार्यालय में अलग से वेरीफिकेशन या अप्रूवल की जरूरत नहीं होगी.

विभाग ने ये सेवाएं की ऑनलाइन

दरअसल अब तक वाहन मालिकों को परमिट जारी करवाने के लिए कई बार क्षेत्रीय परिवहन कार्यालयों के चक्कर काटने पड़ते थे, लेकिन नई ऑनलाइन प्रणाली के लागू होने से यह प्रक्रिया पूरी तरह सरल, पारदर्शी और समयबद्ध हो गई है. विभाग द्वारा जिन सेवाओं को लाइव किया गया है, उनमें गुड्स परमिट, कॉन्ट्रैक्ट कैरिज परमिट, टूरिस्ट परमिट और नेशनल परमिट की ऑथराइजेशन शामिल हैं. इन सभी सेवाओं में नए परमिट, नवीनीकरण और डुप्लीकेट परमिट की सुविधा ऑनलाइन माध्यम से उपलब्ध कराई गई है. इस डिजिटल पहल से माल वाहक और टैक्सी वाहन मालिकों को कार्यालय में उपस्थित होने की जरूरत नहीं पड़ेगी, जिससे न सिर्फ समय की बचत होगी, बल्कि अनावश्यक भीड़ और प्रशासनिक दबाव भी कम होगा. विभाग का मानना है कि इससे सेवाओं में पारदर्शिता बढ़ेगी और कार्य प्रणाली अधिक प्रभावी बनेगी.

ड्राइविंग लाइसेंस व्यवस्था भी हुई आसान

परिवहन विभाग ने इसी क्रम में नए ड्राइविंग लाइसेंस की प्रक्रिया को भी और अधिक आसान बना दिया है. ड्राइविंग टेस्ट पास करने के बाद अब कार्यालय द्वारा टेस्ट का परिणाम सीधे पोर्टल पर दर्ज किया जाएगा, जिसके बाद नया ड्राइविंग लाइसेंस खुद ही जनरेट हो जाएगा. इससे लाइसेंस जारी होने में होने वाली देरी खत्म होगी और आवेदकों को जल्दी सुविधा मिलेगी. कुल मिलाकर परिवहन विभाग की यह पहल ई-गवर्नेंस को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, जिससे प्रदेश में परिवहन सेवाएं और अधिक सुचारू, तेज और जनहितकारी बनेंगी.

हजारों वाहन ऑपरेटर्स को मिलेगा सीधा फायदा

परिवहन विभाग की इस डिजिटल व्यवस्था से प्रदेश भर के हजारों माल वाहक, टैक्सी, टूरिस्ट और कॉन्ट्रैक्ट कैरिज वाहन ऑपरेटर्स को सीधा लाभ मिल सकेगा. अब परमिट के लिए न तो आरटीओ कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ेंगे और न ही अप्रूवल की लंबी प्रतीक्षा करनी होगी. शुल्क जमा होते ही परमिट खुद जारी होने से समय, पैसा और मेहनत तीनों की बचत होगी. छोटे ऑपरेटर्स, एकल वाहन मालिक और दूरदराज क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए यह व्यवस्था किसी बड़ी राहत से कम नहीं है. साथ ही सिस्टम के ऑटोमेटिक होने से बिचौलियों की भूमिका खत्म होगी, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी और भ्रष्टाचार पर भी प्रभावी अंकुश लगेगा.

“परिवहन विभाग द्वारा शुरू की गई यह ऑनलाइन व्यवस्था आम जनता की सुविधा को ध्यान में रखते हुए लागू की गई है. अब परमिट और ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़ी प्रक्रियाएं पूरी तरह पारदर्शी और ऑटोमेटिक हो गई हैं, जिससे लोगों को कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे. आरटीओ ने वाहन मालिकों से अपील है कि वे विभाग की ऑनलाइन सेवाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाएं और किसी भी प्रकार की समस्या होने पर संबंधित कार्यालय से संपर्क किया जा सकता है.” – सोना चंदेल, आरटीओ सिरमौर

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