CM सुक्खू का ऐलान: आपदा पीड़ितों को घर बनाने को देंगे 7 लाख, गाय खरीदने को 50 हजार

CM सुक्खू का ऐलान: आपदा पीड़ितों को घर बनाने को देंगे 7 लाख, गाय खरीदने को 50 हजार

राइट न्यूज हिमाचल/मंडी

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सराज विधानसभा क्षेत्र के बगश्याड़ में आपदा प्रभावितों से मुलाकात कर राहत और पुनर्वास को लेकर बड़ा ऐलान किया। बीती 30 जून की रात बादल फटने से मंडी जिले के कई क्षेत्रों में मची तबाही के बाद सरकार अब प्रभावित परिवारों की पुनर्बहाली में तेजी से जुट गई है। आज सराज के बगश्याड़ पहुंचे सीएम सुक्खू ने आपदा प्रभावितों के लिए बड़ा ऐलान किया है।

उन्होंने कहा कि जिन लोगों के मकान बादल फटने से पूरी तरह नष्ट हो गए हैं, उन्हें मकान बनाने के लिए सरकार की ओर से 7 लाख रुपए की आर्थिक सहायता दी जाएगी, जिससे वे नया घर बना सकें। इस संबंध में सरकार शीघ्र कैबिनेट बैठक में औपचारिक मंजूरी देगी।मुख्यमंत्री सुक्खू ने यह भी स्पष्ट किया कि जिन प्रभावितों को फिलहाल किराए के मकानों में शरण लेनी पड़ी है, उन्हें हर महीने ₹5000 की राशि किराए के रूप में सरकार देगी।

यह पहले से तय राहत योजना का हिस्सा है, जिसे अब अधिक सक्रियता से लागू किया जाएगा।इसी तरह से आपदा में अपने मवेशियों को खो चुके परिवारों के लिए भी सीएम सुक्खू ने बड़ी घोषणा की है। सीएम सुक्खू ने कहा कि आपदा में जिन ग्रामीणों की गायें बह गई हैं, उन्हें नई गाय खरीदने के लिए सरकार 50,000 रुपए की मदद देगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार प्रभावित लोगों के जीवन को फिर से पटरी पर लाने के लिए हरसंभव मदद कर रही है और आगे भी करती रहेगी।मुख्यमंत्री सुक्खू ने बगश्याड़ में मौजूद ग्रामीणों से नए घरों का निर्माण नदी और नालों से कम से कम 50 से 100 मीटर दूर करने की अपील की।

उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन के कारण अब हर साल बादल फटने जैसी आपदाएं हो रही हैं। ऐसे में दोबारा उनके घर ना बहे इसके लिए लोग नया घर नदी नालों से कम से कम 50 से 100 मीटर दूर बनाएं।मुख्यमंत्री का यह दौरा पहले हेलिकॉप्टर से प्रस्तावित था, लेकिन शिमला में खराब मौसम के कारण वह सड़क मार्ग से सराज पहुंचे। यहां वह रात भर ठहरकर राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा करेंगे और अधिकारियों को तेजी से काम करने के निर्देश देंगे।इससे पहले भाजपा प्रदेश अध्यक्ष राजीव बिंदल ने सरकार पर आपदा प्रबंधन में देरी और लापरवाही के आरोप लगाए थे।

उन्होंने कहा कि अब तक क्षेत्र की कई सड़कें बहाल नहीं हो सकी हैं और 30 से अधिक लोग अभी भी लापता हैं, जबकि राहत शिविरों में स्वच्छ पानी तक नहीं मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर भरोसा दिलाया कि सरकार हर पहलू पर काम कर रही है और किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।बता दें कि 30 जून की रात मंडी जिला के सराज, नाचन, करसोग और धर्मपुर क्षेत्रों में 15 से अधिक स्थानों पर बादल फटने की घटनाएं हुईं। अकेले एक रात में 400 से ज्यादा घर तबाह हो गए, 42 से अधिक लोग लापता हुए, जिनमें से अब तक 14 शव बरामद किए जा चुके हैं। 30 से अधिक लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। इस भयावह आपदा के बाद अब सभी की निगाहें मुख्यमंत्री और केंद्र सरकार की पहल पर टिकी हैं, ताकि प्रभावितों को जल्द से जल्द राहत मिल सके और उनके जीवन में स्थिरता लौट सके।

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