राइट न्यूज हिमाचल
हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में 30 जून और एक जुलाई को 30 घंटे की बारिश ने ऐसा कोहराम मचाया कि पूरी सराज घाटी की कमर टूट गई. मंडी जिले में इस दौरान बारिश और फ्लैश फ्लड में अब तक 28 लोग लापता हैं और 14 शव बरामद हुए हैं.आपदा प्रबंधन की रिपोर्ट के मुताबिक अब तक कुल 14 लोगों की मौत, 28 के लापता होने और 222 लोगों को सुरक्षित बचाए जाने की पुष्टि हुई है. इस प्राकृतिक आपदा में कुल 466 मकान पूरी तरह तबाह, 457 गौशालाएं क्षतिग्रस्त, 446 मवेशियों की मौत और 14 दुकानों को नुकसान पहुंचा है.रिपोर्ट बताती है कि थुनाग उपमंडल में सबसे ज्यादा तबाही हुई, जहां कुल 247 मकान, 149 गौशालाएं, 225 पशुओं की मौत, और 6 पुलों का नुकसान हुआ है.
इसी तरह गोहर में 81 मकान तबाह हुए, 100 गौशालाएं और 59 मवेशियों की मौत हो गई. धर्मपुर में 61 मकान, 74 गौशालाएं, और 91 मवेशी मरे हैं. यहां 1 लोहे का पुल भी बह गया. इसके अलावा, करसोग में 58 मकान, 48 गौशालाएं, और 32 मवेशियों की मौत, साथ ही 5 छोटे पुलों का नुकसान हुआ. मंडी जिले में बारिश की वजह से कुल 446 पशुओं की भी मौत हो गई. वहीं, 14 छोटे-बड़े पुल टूटे हैं.एसडीएम करसोग गौरव महाजन ने बताया कि हाल ही में हुई भारी वर्षा और प्राकृतिक आपदा के कारण उप-मंडल करसोग में भारी क्षति हुई है.
उन्होंने प्रभावित लोगों की मदद के लिए समाज सेवी संस्थाओं, दानी सजनों और अन्य लोगों से आग्रह किया है कि वे आपदा की इस घड़ी में प्रभावित लोगों की मदद के लिए आगे आएं.उन्होंने बताया कि प्रभावितों की सहायता के लिए उप-मंडल स्तर पर जारी “सब डिवीजन आपदा राहत कोष करसोग” शुरू किया गया हैं. उन्होंने बताया कि दानी सजन सब डिवीजन आपदा राहत कोष करसोग” खाता संख्या 50100605031091 IFSC Code HDFC0008106 में राहत राशि भेज सकते है.जलशक्ति विभाग की ओर से मंडी जिले में आपदा के बाद पेयजल योजनाओं को बहाल करने के लिए लगभग 2000 कर्मचारियों को फील्ड में उतारा है.
विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों ने विषम परिस्थितियों में भी कार्य जारी रखा है. विभाग के प्रयासों से अब तक जिले की कुल 790 प्रभावित पेयजल योजनाओं में से 588 योजनाएं बहाल की जा चुकी हैं, जबकि शेष 202 योजनाओं पर कार्य प्रगति पर है.मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू 8 जुलाई को मंडी जिला के थुनाग और गोहर उपमंडल क्षेत्र के आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करेंगे. इस दौरान मुख्यमंत्री प्रभावित परिवारों से भेंट कर उनकी समस्याएं जानेंगे और राहत एवं पुनर्वास कार्यों की जमीनी स्थिति का जायजा लेंगे. यह जानकारी अतिरिक्त उपायुक्त मंडी गुरसिमर सिंह ने दी. उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री प्रातः 10:15 बजे शिमला से हेलीकॉप्टर के माध्यम से खनुखली(जंजैहली ) हैलीपैड पहुंचेंगे.
यहां से वे सड़क मार्ग द्वारा 10:45 बजे जंजैहली पहुंचेंगे और जंजैहली तथा आस-पास के क्षेत्रों में आपदा प्रभावित परिवारों से मुलाकात करेंगे. इसके बाद मुख्यमंत्री खनुखली से हेलीकॉप्टर के जरिये जाशन हैलीपैड के लिए प्रस्थान करेंगे और दोपहर 2:00 बजे सड़क मार्ग से थुनाग पहुंचकर वहां भी आपदा प्रभावित लोगों से मिलेंगे.मुख्यमंत्री थुनाग से दोपहर 3:00 बजे बाड़ा के लिए रवाना होंगे और 4:00 बजे बाड़ा पहुंचकर वहां स्थापित राहत केंद्र में रह रहे प्रभावित परिवारों से मिलकर उनका हालचाल जानेंगे. इस दौरान वे राहत कार्यों की समीक्षा भी करेंगे.

