राइट न्यूज हिमाचल/मंडी
हिमाचल प्रदेश में मानसून की बारिश के चलते भारी नुकसान हुआ है. खासकर मंडी जिले में बारिश ने जमकर कहर बरसाया है. मंडी में बादल फटने और फ्लैश फ्लड के चलते अब तक 13 लोगों की मौत हो चुकी है और 29 लोग अभी भी लापता हैं. जबकि 154 लोगों को अब तक राहत एवं बचाव दल द्वारा रेस्क्यू कर लिया गया है. जबकि लापता लोगों के लिए सर्च ऑपरेशन जारी है.मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बुधवार को मंडी जिले के धर्मपुर विधानसभा क्षेत्र के तहत ग्राम पंचायत लौंगणी के स्याठी गांव का दौरा किया. इस दौरान सीएम ने आपदा प्रभावित लोगों से मुलाकात की और उनका दुख-दर्द सांझा किया.
सीएम सुक्खू ने आपदा प्रभावितों को प्रदेश सरकार की ओर से हर संभव मदद करने का भरोसा दिलाया है. इस दौरान सीएम ने जिला प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे राहत एवं पुर्नवास कार्यों की समीक्षा भी की. स्याठी गांव में सीएम सुक्खू ने आपदा प्रभावितों को भरोसा दिलाया कि क्षतिग्रस्त घरों के पुनर्निर्माण के लिए विशेष राहत पैकेज और गाय, बकरी, भेड़ सहित पशुधन के नुकसान के साथ-साथ नष्ट हुए गौशालाओं के लिए भी बढ़ा हुआ मुआवजा दिया जाएगा.”प्रदेश में बादल फटने की कई घटनाएं घटित हुई हैं. जलवायु परिवर्तन भी इसका एक कारण हो सकता है.
केंद्र और राज्य सरकारों को सामूहिक रूप से ऐसी घटनाओं के कारणों का अध्ययन करना चाहिए. मंडी जिले के थुनाग, जंजैहली और बगस्याड क्षेत्रों में भी भारी नुकसान हुआ है. प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक सेवाओं को बहाली के लिए राहत कार्य जारी है.” – सुखविंदर सिंह सुक्खू, मुख्यमंत्रीगौरतलब है कि धर्मपुर में बीते दिनों बादल फटने से तबाही मची थी. जिसमें 26 घर, 31 गौशालाए और दो दुकानें क्षतिग्रस्त हो गई.
जबकि 76 पशुओं की मौत हो गई है. इसके अलावा एक आयरन ब्रिज भी क्षतिग्रस्त हुआ है. वहीं, मंडी जिले में अब तक 13 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 29 लोग लापता हैं. जिनकी तलाश के लिए प्रशासन द्वारा रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है.वहीं, प्रभावित परिवारों ने सीएम को आपबीती सुनाते हुए बताया कि इस आपदा में पूरा गांव तबाह हो गया है और अब उनके पास तंबू लगाने के लिए भी जमीन नहीं बची है. लोगों ने मुश्किल से अपनी जान बचाई है.
अब उन्हें घर बनाने के लिए जमीन उपलब्ध करवाई जाए. प्रभावितों द्वारा जमीन उपलब्ध करवाने की मांग पर सीएम ने आश्वासन दिया कि यदि क्षेत्र में सरकारी भूमि उपलब्ध होगी तो उन्हें आवंटित की जाएगी. वन भूमि क्षेत्र में यदि जमीन है तो यह मामला केंद्र सरकार के समक्ष उठाया जाएगा. इस दौरान धर्मपुर के विधायक चंद्रशेखर ने सीएम को क्षेत्र के हालातों की पूरी जानकारी दी.

