Himachal: चारों तरफ तबाही का मंजर, लोगों के टूटे घर, अब तक कई लापता, थुनाग का दुनिया से टूटा संपर्क

Himachal: चारों तरफ तबाही का मंजर, लोगों के टूटे घर, अब तक कई लापता, थुनाग का दुनिया से टूटा संपर्क

राइट न्यूज हिमाचल/मंडी

हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में इस मॉनसून ने एक बार फिर भयंकर कहर बरपाया है। जिले के गोहर, थुनाग और सराज घाटी में भारी तबाही हुई है। मंगलवार को गोहर और थुनाग से नुकसान की खबरें सामने आई थीं, लेकिन सराज घाटी का तो दुनिया से पूरा संपर्क ही टूट गया था। अब धीरे-धीरे वहां की तबाही की खौफनाक तस्वीरें सामने आने लगी हैं।सराज के लोगों ने मुश्किल से पहाड़ियों पर चढ़कर अपने फोन से विनाश के मंजर की तस्वीरें और वीडियो साझा किए हैं, क्योंकि यहां पर नेटवर्क, सड़कें, बिजली और पानी पूरी तरह से ठप हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, अकेले थुनाग उपमंडल में लगभग 400 से ज़्यादा रिहायशी मकान आंशिक या पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए हैं।

लोग बेघर होकर खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं। अस्पताल, स्कूल और अन्य सरकारी इमारतें भी इस आपदा की चपेट में आ गई हैं। थुनाग का भी दुनिया से संपर्क टूट गया है। सबसे हृदय विदारक खबर थुनाग बाजार से आई है, जहां सात शव बरामद किए गए हैं. वहीं, देजी पखरैर से 12 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं, जिससे वहां और भी हताहतों की आशंका बढ़ गई है। जरोल बाजार भी पूरी तरह से बर्बाद हो गया है, जहां एक शव मिला है। पांडवशीला में भी एक शव बरामद हुआ है और दो लोग लापता बताए जा रहे हैं।राहत और बचाव कार्य में भी भारी चुनौतियां आ रही हैं।

पुलिस की टीमें किसी तरह जंजैहली तक ही पहुंच पाई हैं, जबकि राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की टीम बगस्याड तक पहुंच पाई है। टूटी हुई सड़कें और ध्वस्त पुल बचाव दल के लिए सबसे बड़ी बाधा बन गए हैं। प्रशासन और स्थानीय लोग मिलकर फंसे हुए लोगों तक पहुंचने और उन्हें सुरक्षित निकालने की कोशिश कर रहे हैं।

यह त्रासदी मॉनसून की विनाशकारी शक्ति का एक और प्रमाण है, जिसने मंडी जिले के इन इलाकों को पूरी तरह से तहस-नहस कर दिया है। लोगों को सामान्य जीवन में लौटने में लंबा समय लगेगा और इस क्षति से उबरने के लिए बड़े पैमाने पर राहत और पुनर्वास की आवश्यकता होगी।

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