Himachal: कजाकिस्तान में छाई मंडी की बेटी, अंतर्राष्ट्रीय पैराग्लाइडिंग प्रतियोगिता में जीता गाेल्ड

Himachal: कजाकिस्तान में छाई मंडी की बेटी, अंतर्राष्ट्रीय पैराग्लाइडिंग प्रतियोगिता में जीता गाेल्ड

राइट न्यूज हिमाचल/मंडी

हिमाचल प्रदेश के जोगिंद्रनगर की ऐहजु पंचायत के त्रामट गांव की बेटी अलीशा कटोच ने पैराग्लाइडिंग प्रतियोगिता में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। अलीशा ने कजाकिस्तान में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय पैराग्लाइडिंग प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए गोल्ड सहित कई मैडल जीते। महज 16 साल की उम्र में पैराग्लाइडिंग की दुनिया में कदम रखने वाली अलीशा आज भारत की शीर्ष महिला पैराग्लाइडिंग पायलट बन गई हैं।

उनका यह सफर किसी प्रेरणादायक कहानी से कम नहीं है, जिसमें संघर्ष, जुनून और जीत की गाथा छिपी है।अलीशा ने वर्ष 2019 में अपने जेब खर्च से बिना परिवार को बताए अपनी पहली पैराग्लाइडिंग उड़ान भरी। उसी दिन से उन्हें उड़ने का ऐसा जुनून चढ़ा कि इसे ही अपना सपना बना लिया। हालांकि यह राह आसान नहीं थी। आर्थिक तंगी और समुदाय से अपेक्षित समर्थन न मिलने के कारण अलीशा काे एक समय पैराग्लाइडिंग छोड़कर भारतीय सेवाओं में शामिल होना पड़ा, ताकि वह अपने भविष्य को सुरक्षित कर सके।

वर्ष 2022 में अलीशा के जीवन में एक बड़ा मोड़ आया, जब भारत के जाने-माने पैराग्लाइडिंग पायलट विजय सोनी ने उनकी प्रतिभा को पहचाना तो उन्हें प्रशिक्षण देने का प्रस्ताव दिया, जो अलीशा के लिए एक नई शुरूआत थी। विजय की सिफारिश पर अलीशा ने 2023 में अपनी पहली प्रतियोगिता में भाग लिया और शानदार जीत हासिल की। यह वही दिन था जब अलीशा काे अपनी असली क्षमता का एहसास हुआ।

तब से अलीशा हर साल कामशेत स्थित ऑरैंज लाइफ पैराग्लाइडिंग स्कूल में लगातार प्रशिक्षण ले रही हैं और अपने कौशल को निखार रही हैं।अलीशा ने कजाकिस्तान में 6 अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लिया और अविश्वसनीय प्रदर्शन करते हुए 6 स्वर्ण पदक, 5 रजत पदक, 3 कांस्य पदक और 3 ट्रॉफियां अपने नाम कीं। यह भारतीय पैराग्लाइडिंग इतिहास में एक अभूतपूर्व उपलब्धि है।अलीशा कटोच की रैंकिंग उन्हें देश और दुनिया में एक शीर्ष पैराग्लाइडिंग पायलट के रूप में स्थापित करती है। भारत में महिला पैराग्लाइडिंग पायलटों में प्रथम स्थान, दुनिया भर की महिला पायलटों में 20वां स्थान, वह इस स्तर तक पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला बन गई हैं, जो अपने आप में एक ऐतिहासिक रिकॉर्ड है। अलीशा अपनी इन असाधारण उपलब्धियों का श्रेय अपने कोच विजय सोनी को देती हैं। अलीशा की उपलब्धि पर परिवार, गांव और पूरे प्रदेश में खुशी का माहौल है। जोगिंद्रनगर के विधायक प्रकाश राणा ने अलीशा काे बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।

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