राइट न्यूज हिमाचल
हिमाचल प्रदेश के जिला शिमला में मात्र एक-दो महीनों में दी गई रकम से चार गुना ज्यादा पैसा कमाने के लालच में लोगों ने करोड़ों रुपये लुटा दिए। इन्हें एजेंटों की ओर से झांसा दिया गया कि कश्मीर में एक उत्पाद की खरीद करनी है। जिला शिमला के रोहड़ू में ठगी का अनोखा मामला आया है। मात्र एक-दो महीनों में दी गई रकम से चार गुना ज्यादा पैसा कमाने के लालच में लोगों ने करोड़ों रुपये गंवा दिए।
स्थानीय निवासी दो एजेंटों सेवानिवृत्त पुलिस कर्मी और एक अन्य कर्मचारी के कहने पर लोगों ने कश्मीर के बैंक खातों में लाखों-करोड़ों रुपये की राशि डाल दी। इन्हें एजेंटों की ओर से झांसा दिया गया कि कश्मीर में एक उत्पाद की खरीद करनी है। उसे बेचकर होने वाली कमाई से चार गुना ज्यादा मुनाफा होगा। लालच में आकर लोगों ने पैसा जमा करवा दिया। लोकलाज के चलते ठगी का एहसास होने पर पीड़ित सार्वजनिक तौर पर मुंह खोलने को तैयार नहीं है।
बात बढ़ने पर सुरक्षा एजेंसियों की ओर से मामले को खंगालने कोशिश हो रही है।बताया जा रहा है कि करीब एक साल में रोहड़ू के कर्मचारी, कारोबारी, बागवान ठग के झांसे में आकर करोडों रुपये गंवा चुके हैं। इस ठगी के नेटवर्क की जड़ें जुब्बल, रोहड़ू से लेकर डोडरा क्वार तक फैली हैं। सूत्र बताते हैं कि लोगों का विश्वास पाने के लिए एजेंटों की ओर से लोगों को चेक तक दिए गए। जिन एजेंटों ने लोगों को चार गुना पैसा करने का झांसा देकर लाखों की वसूली की, उन्होंने खुद भी साहूकारों से ब्याज पर लाखों रुपये उठा कर कश्मीर में किसी व्यक्ति के खाते में ट्रांसफर किए हैं। पैसा लौटाने का दवाब बढ़ने लगा तो एजेंट कई बार कश्मीर भी गए। इस मामले में भुगत भोगी रह चुके व्यक्ति ने बताया कि एक सेवानिवृत्त पुलिस कर्मी और एक कर्मचारी के झांसे में आकर करीब 40 लाख रुपये की राशि लुटा की है।
एक अन्य व्यक्ति ने बताया कि घर में परिवार वालों को अभी पता नहीं है कि उसने करीब 20 लाख रुपये की राशि गंवा दी है। एक अन्य ने दो तीन लोगों से ब्याज पर पैसा लिया। ठगी के शिकार करीब 20 लोगों के नाम सामने का चुके हैं।इस करोड़ों रुपये की ठगी के तार कश्मीर से जुडे होने के बाद सरकारी सुरक्षा एजेंसियों भी गोपनीय तौर पर इसकी जानकारी जुटाने में लगी हैं। हालांकि, अभी तक ठगों और उनके एजेंटों से इसकी पूछताछ नहीं हुई है। लेकिन, कश्मीर के लिए करोड़ों रुपये किसके माध्यम से पहुंचे, वहां पर इसका किंगपिन कौन है, उसकी जांच शीघ्र शुरू होने वाली है। यह पैसा कहीं आतंकी गतिविधियों के लिए तो नहीं लगा है, इसकी भी जांच होगी। लोग शर्म के कारण अभी तक पुलिस में केस दर्ज करवाने को तैयार नहीं हैं।

