मंडी में फिर देर रात फटा बादल, चैन की नींद सो रहे थे लोग- घरों में घुसा मलबे का सैलाब

मंडी में फिर देर रात फटा बादल, चैन की नींद सो रहे थे लोग- घरों में घुसा मलबे का सैलाब

राइट न्यूज हिमाचल

हिमाचल प्रदेश का मंडी जिला शनिवार रात बादल फटने की घटना से दहल उठा। अचानक आए मलबे और तेज पानी ने नगवाई से औट तक का पूरा क्षेत्र तबाही की चपेट में ले लिया। रात भर बारिश और नालों के उफान ने लोगों की नींद उड़ा दी।कहीं घरों और दुकानों में मलबा भर गया, तो कहीं खेत और बाग-बगीचे पूरी तरह बरबाद हो गए। कई परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाना पड़ा। प्रशासन ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया है, लेकिन तबाही का मंजर अब भी साफ नजर आ रहा है।टकोली क्षेत्र में कीरतपुर-मनाली फोरलेन पर नाले से अचानक पानी और भारी मलबा सड़क पर आ गया। देखते ही देखते हाईवे पर लंबा जाम लग गया।

देर रात से सुबह तक वाहनों की कतारें कई किलोमीटर तक खिंच गईं। सैकड़ों यात्री हाईवे पर ही फंसे रहे। पुलिस और एनएचएआई की टीम ने जेसीबी मशीनें लगाकर रातभर मलबा हटाने का काम किया। देर रात तक मार्ग पूरी तरह बाधित रहा।बादल फटने का असर मंडी की मुख्य सब्जी मंडी टकोली पर भी पड़ा। मलबा और गाद मंडी परिसर में घुस जाने से सब्जियों और फलों की हजारों पेटियां खराब हो गईं।

व्यापारियों का कहना है कि उनका लाखों रुपये का नुकसान हो चुका है। किसानों ने भी गहरी निराशा जताई कि बड़ी मेहनत से खेतों से लाई गई उपज कुछ ही घंटों में तबाह हो गई।वहीं, शालानाल नाले के उफान से एफकान कंपनी का ऑफिस और कॉलोनी भी चपेट में आ गई। इतना ही नहीं सुरक्षा दीवार टूट गई और मलबा सीधे भवनों से टकराया। कर्मचारी किसी तरह बाहर निकलकर अपनी जान बचाने में सफल रहे। गनीमत रही कि समय रहते लोग बाहर आ गए, वरना बड़ा हादसा हो सकता था। आसपास के कई घर भी इस बाढ़ का शिकार हुए और कई परिवारों को बेघर होना पड़ा।पराशर क्षेत्र का प्रसिद्ध बागी नाला भी इस बार बेकाबू हो उठा। तेज बहाव से कई संपर्क मार्ग बह गए।

ग्रामीणों को सुरक्षित ठिकानों पर भेजा गया। खेतों में खड़ी फसलें पूरी तरह बह गईं और बाग-बगीचों को भारी नुकसान हुआ। ग्रामीणों ने कहा कि इस बार की बारिश ने दशकों पुरानी तबाही को भी पीछे छोड़ दिया है।नगवाई से औट तक लगभग सभी छोटे-बड़े नाले उफान पर हैं। कई सड़कों पर पानी और मलबा भर गया, जिससे यातायात पूरी तरह ठप हो गया। घरों में पानी घुसने से लोग डर के साये में रात गुजारने को मजबूर हुए। कई परिवारों को प्रशासन ने सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया। साथ ही लोगों को चेतावनी दी गई है कि वे नदियों और नालों के पास न जाएं।इसी बीच दवाडा क्षेत्र से एक दर्दनाक हादसे की खबर आई।

यहां एक वाहन की टक्कर से एक युवक की मौत हो गई। हादसे के बाद स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी।आपदा प्रबंधन दल और प्रशासनिक टीमें प्रभावित क्षेत्रों में लगातार राहत-बचाव कार्य कर रही हैं। फंसे लोगों को सुरक्षित ठिकानों पर पहुंचाया जा रहा है। उपायुक्त मंडी ने कहा कि प्रभावित परिवारों की सूची बनाई जा रही है और उन्हें तुरंत राहत सामग्री उपलब्ध करवाई जाएगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे सतर्क रहें और किसी भी आपदा की स्थिति में तुरंत प्रशासन से संपर्क करें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *