राईट न्यूज / पांवटा साहिब
विकास खंड पांवटा साहिब के पडदूनी पंचायत के रहने वाले 63 वर्षीय रोगी को खांसी व बुखार की समस्या से पीड़ित होने के पश्चात सिविल अस्पताल पांवटा साहिब में वीरवार को भर्ती करवाया गया था।
वीरवार व शुक्रवार दो दिनों तक रोगी के परिजन उपचार की बात जोहते रहे। रोगी के चचेरे भाई भजन चौधरी ने बताया की, उपचार के नाम पर रोगी को नर्स द्वारा महज कफ सीरप दिया गया। लेकिन कोविड टेस्ट नही करवाया गया।
तीसरे दिन सुबह हालत सुधारने के बजाए और बिगड़ गई। तब जाकर उसे हायर सेंटर रेफर किया गया।
इसके बाद परिजन उसे नाहन के साई अस्पताल ले गए जहां डॉक्टर्स ने कोविड के आशंका जताते हुए रेफर कर दिया।
मेडिकल कॉलेज नाहन से आईजीएमसी रेफर होने के पश्चात उसे उपचार मिलने में देर हो चुकी थी। जिसके बाद उसकी मौत हो गई।
दोपहर बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम की मौजूदगी में माजरा में मृतक का अंतिम संस्कार कोरोना प्रोटोकॉल के तहत कर दिया गया।
सिविल अस्पताल पांवटा साहिब की लापरवाही के चलते मृतक के परिजनों में रोष है। उन्होंने मामले में जांच व कारवाई की मांग की है।
उधर, बीएमओ डॉ अजय देओल ने रोगी के दो दिनों तक सिविल अस्पताल में भर्ती होने की पुष्टि की है।

