अब यहां फटा बादल- मिट्टी बने कई मकान, मलबे में दबे लोग; मचा हाहाकार

अब यहां फटा बादल- मिट्टी बने कई मकान, मलबे में दबे लोग; मचा हाहाकार

राइट न्यूज हिमाचल

हिमाचल प्रदेश में बरसात जमकर कहर बरसा रही है। आज सुबह किन्नौर जिला के लिपा गांव में बादल फटने की घटना से दहशत फैल गई। अचानक भोगती नाले में उफान आने से कई घर मलबे में दब गए।बादल फटने की इस घटना के बाद पूरे इलाके में हाहाकार मच गई। तबाही का मंजर देख लोगों में चीख-पुकार मच गई। फिलहाल, दो लोगों के मलबे में दबे होने की सूचना है। जबकि, दो घर जमींदोज हो गए है।गनीमत रही कि ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद अंदर दबे दो लोगों को सुरक्षित निकाल लिया। मौसम विभाग ने साफ किया है कि राज्य में फिलहाल राहत के आसार नहीं हैं। आने वाले छह दिन तक बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना जताई गई है।

आज ऊना, कांगड़ा, मंडी और सिरमौर जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है। सड़कों की स्थिति बिगड़ने के कारण सिरमौर, कुल्लू, मंडी और चंबा के कई स्कूल-कॉलेज बंद रखने के आदेश जारी हुए हैं।चंबा जिला के भरमौर में करीब 3 हजार श्रद्धालु फंसे हुए हैं। प्रशासन का दावा है कि सभी सुरक्षित हैं और शुक्रवार को बड़े पैमाने पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जाएगा। हालांकि लगातार भूस्खलन और टूटी सड़कों की वजह से श्रद्धालुओं को निकालना आसान नहीं है। भरमौर में चार दिन से मोबाइल नेटवर्क भी ठप है, जिसके कारण परिजनों को सही जानकारी देर से मिल रही है।लगातार बंद सड़कों का असर अब रोजमर्रा की जिंदगी पर भी दिखने लगा है। कुल्लू और मनाली में पेट्रोल-डीजल की कमी महसूस की जा रही है।

चार दिन से दूध, दही, मक्खन, ब्रेड और सब्जियों जैसी जरूरी वस्तुओं की सप्लाई पूरी तरह बाधित है। गुरुवार शाम को चंडीगढ़-मनाली फोरलेन को छोटे वाहनों के लिए खोला गया था, लेकिन कुछ घंटों बाद दोबारा लैंडस्लाइड होने से रास्ता बंद हो गया।इसी बीच भाजपा सांसद कंगना रनोट के मंडी में गाड़ी और लोगों के मलबे में दबने के दावे पर राजनीति भी गरमा गई। लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने उन पर तंज कसते हुए कहा कि बिना पूरी जानकारी हासिल किए ऐसे बयान देना लोगों को गुमराह करने जैसा है।

भारी बारिश और बंद सड़कों की वजह से कुल्लू, मनाली और लाहौल-स्पीति में करीब 1500 पर्यटक फंसे हुए हैं। इनमें कई राज्यों और विदेशों से आए लोग शामिल हैं। प्रशासन फिलहाल हालात का जायजा लेकर वैकल्पिक मार्गों से राहत पहुंचाने की कोशिश कर रहा है।

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