हिमाचल में युवक को किया डिजिटल अरेस्ट, CBI ऑफिसर बन ठगे 17.50 लाख

राइट न्यूज हिमाचल

हिमाचल प्रदेश में ऑनलाइन फ्रॉड और धोखाधड़ी के मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है। सूबे के कई लोगों को शातिर ठगी का शिकार बना रहे हैं और लाखों-करोड़ों रुपए का चूना लगा रहे हैं। शातिर ठगी करने के लिए नए-नए तरीके अपना रहे हैं। ताजा मामले में शातिरों ने CBI ऑफिसर बन कर ठगी को अंजाम दिया है।मामला हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिला से सामने आया है।

यहां शातिरों ने एक युवक को लाखों रुपए की चपत लगाई है। ऑनलाइन जालसाजों ने युवक को अपने ही घर में दो दिन तक डिजिटल अरेस्ट में रखा।बताया जा रहा है कि शातिरों ने युवक को मनी लॉन्ड्रिंग केस में अरेस्ट करने का डर दिखाकर 48 घंटों तक डिजिटल अरेस्ट करके रखा। मामले में युवक ने मूरंग थाने में शातिरों के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई है।शिकायकर्ता ने बताया कि वो किन्नौर के स्किबा का रहने वाला है।

उसने बताया कि बीती 18 नवंबर को उसे एक अनजान नंबर से फोन आया। कॉलर ने बोला की वो CBI ऑफिसर बात कर रहा है। मनी लॉन्ड्रिंग केस में वो जल्द उसके घर उसे अरेस्ट करने आ रहा है।युवक ने बताया कि दो दिन आरोपी CBI ऑफिसर बनकर उसे अरेस्ट करने का डर डालता रहा। आरोपी ने इस बात का दावा किया कि मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में वो अब तक 200 लोगों को गिरफ्तार कर लिया।

अब जल्द उसके घर दबिश देकर वो उसे भी गिरफ्तार कर लेंगा।युवक उसकी बातों से डर गया तो इसी बीच आरोपी ने कहा कि अगर वो गिरफ्तारी से बचना चाहता है तो उसके खाते में तुरंत पैसे डाल दे। ऐसे में युवक ने गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी के खाते में साढ़े 17 लाख रुपए ट्रांसफर कर दिए।उधर, युवक की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है।

मामले की पुष्टि करते हुए DIG साइबर क्राइम मोहित चावला ने बताया कि मामले में जांच-पड़ताल की जा रही है। जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।DIG ने कहा कि लोगों के जागरूक होना पड़ेगा ताकि वो ठगी का शिकार होने से बच सकें। उन्होंने कहा कि लोगों को ऐसे शातिरों से डरने की जरूरत नहीं है। साइबर क्राइम हर समय लोगों की मदद के लिए तैनात है।

विदित रहे कि, शातिर अब लोगों से डिजिटल अरेस्ट के नाम पर अब आधुनिक तरीके से धोखाधड़ी कर रहे हैं। शातिर लोगों को फर्जी वारंट, दस्तावेज और कई एजेंसियों की फर्जी मुहर लगे दस्तावेज ऑनलाइन भेजकर पैसे ऐंठ रहे हैं। जबकि, डिजिटल अरेस्ट में वीडियो कॉल करके लोगों को CBI ऑफिसर, कस्टम और ED जैसे विभागों के नाम पर कार्रवाई का डर दिखाकर लोगों को जाल में फंसा रहे हैं।

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