सिरमौर: मां सिलती है कपड़े, पिता करते हैं फैक्ट्री में काम; बेटी बनी नर्सिंग ऑफिसर

राइट न्यूज हिमाचल

हिमाचल की बेटियां अब हर क्षेत्र में बड़े बड़े मुकाम हासिल कर रही हैं। ऐसी ही हिमाचल की एक बेटी ने कड़ी मेहनत से नर्सिंग ऑफिसर का पद हासिल किया है। इस बेटी ने राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा को पहले ही प्रयास में पास कर यह जता दिया कि किसी भी मंजिल को कड़ी मेहनत से हासिल किया जा सकता है।

यह बेटी सिरमौर जिला के रानीताल निवासी ईशा खान है।एम्स में बनी नर्सिंग ऑफिसरआईजीएमसी शिमला से नर्सिंग की पढ़ाई करने वाली 23 साल की ईशा खान ने राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा को अपने पहले ही प्रयास में पास कर देश में 684वां रैंक हासिल किया है। ईशा खान की इस उपलब्धि से उसके घर में खुशी का माहौल है। ईशा खान का चयन एम्स में नर्सिंग ऑफिसर के पद पर हुआ है।पिता करते हैं फैक्ट्री में काम, माता सिलती है कपड़ेईशा खान के पिता कमल फिरोज (बॉबी) पांवटा साहिब में एक फैक्ट्री में काम करते हैं।

जबकि उसकी माता सिलाई का काम करती है। सीमित संसाधानों के बावजूद बेटी ने अपने माता पिता के सपनों को साकार कर दिया है। ईशा के नर्सिंग ऑफिसर बनने से उसके माता पिता काफी खुश हैं। घर के साथ साथ पूरे गांव में खुशी का माहौल है।ईशा खान ने माता पिता की मेहनत को किया साकारईशा का कहना है कि मुझे पढ़ाने में मेरे माता पिता ने कड़ी मेहनत की है। आज मैं जो भी हूं वह अपने माता पिता की कड़ी मेहनत और उनके अटूट समर्थन की वजह से हुं।

उन्होंने मेरे सपनों को अपना सपना बना लिया था। और हर मुश्किल परिस्थिति में मेरा साथ दिया।गांव के लिए प्रेरणा स्त्रोत बनी ईशा खानगांव के लोगों का कहना है कि ईशा पूरे गांव के लिए प्रेरणा स्त्रोत बनी है। उसे देख कर गांव के अन्य बेटियों को भी आगे बढ़ने की प्ररेणा मिलेगी। ईशा भी इस बात को मानती हैं और कहती हैं श्आज जो भी हूँए वह अपने माता.पिता की कड़ी मेहनत और उनके अटूट समर्थन की वजह से हुं। उन्होंने मेरे सपनों को अपना सपना बना लिया था। और हर मुश्किल परिस्थिति में मेरा साथ दिया।

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